यूनिकोड और कृतिदेव (KrutiDev) में क्या अंतर है? कौन-सा हिंदी फ़ॉन्ट चुनें
कई लोग शिकायत करते हैं कि उन्होंने हिंदी में लिखा, लेकिन किसी दूसरे कंप्यूटर या WhatsApp पर भेजने पर वह “v/;k;” जैसे अजीब अक्षरों में बदल गया। इसकी वजह है फ़ॉन्ट एन्कोडिंग। हिंदी लिखने के दो बिल्कुल अलग तरीके हैं — यूनिकोड और लीगेसी (गैर-यूनिकोड) फ़ॉन्ट जैसे कृतिदेव, चाणक्य, DevLys। इस लेख में हम दोनों का फ़र्क आसान भाषा में समझेंगे।
यूनिकोड क्या है?
यूनिकोड एक अंतरराष्ट्रीय मानक है जिसमें दुनिया की हर भाषा के हर अक्षर को एक तय नंबर (कोड) दिया गया है। जैसे देवनागरी “क” का कोड हर कंप्यूटर, मोबाइल और वेबसाइट पर एक ही है। इसलिए यूनिकोड में लिखा हिंदी टेक्स्ट कहीं भी भेजें, वह क ही दिखेगा — बस उस डिवाइस में कोई भी हिंदी यूनिकोड फ़ॉन्ट होना चाहिए, जो आज लगभग सभी में पहले से होता है।
लोकप्रिय यूनिकोड फ़ॉन्ट: Mangal, Nirmala UI, Kokila, Aparajita, Noto Sans Devanagari, Hind, Mukta। हमारा ऑनलाइन हिंदी टाइपिंग टूल भी यूनिकोड टेक्स्ट ही बनाता है।
कृतिदेव (KrutiDev) क्या है?
यूनिकोड के आम होने से पहले हिंदी लिखने के लिए ऐसे फ़ॉन्ट बनाए गए जो असल में English अक्षरों के कोड पर हिंदी आकृतियाँ दिखाते थे। यानी कीबोर्ड पर “d” दबाने पर कोड तो “d” का ही सेव होता है, लेकिन कृतिदेव फ़ॉन्ट उसे “क” जैसा दिखा देता है। जब यही टेक्स्ट ऐसे कंप्यूटर पर खुलता है जहाँ कृतिदेव नहीं है, या फ़ॉन्ट बदल दिया जाता है, तो असली English अक्षर दिखने लगते हैं — यही “टूटा हुआ हिंदी” है।
तुलना: यूनिकोड बनाम कृतिदेव
| बात | यूनिकोड | कृतिदेव / लीगेसी |
|---|---|---|
| दूसरे डिवाइस पर | हमेशा सही दिखता है | फ़ॉन्ट न हो तो टूट जाता है |
| WhatsApp, ईमेल, सोशल मीडिया | पूरी तरह काम करता है | काम नहीं करता |
| Google सर्च / SEO | हिंदी के रूप में खोजा जा सकता है | Google इसे बेकार English अक्षर समझता है |
| कॉपी-पेस्ट | सही रहता है | अक्सर गड़बड़ |
| स्पेल-चेक, अनुवाद, वॉइस | उपलब्ध | उपलब्ध नहीं |
| पुराना प्रिंटिंग/DTP काम | अब ज़्यादातर समर्थित | कुछ पुराने सॉफ़्टवेयर में अभी भी उपयोग |
| टाइपिंग परीक्षा | कई विभाग Inscript यूनिकोड लेते हैं | कुछ परीक्षाएँ Remington (कृतिदेव) माँगती हैं |
कब कौन-सा उपयोग करें?
- रोज़मर्रा का काम, सोशल मीडिया, ब्लॉग, वेबसाइट, ईमेल: हमेशा यूनिकोड।
- सरकारी दफ़्तर का नया काम: भारत सरकार का राजभाषा विभाग भी यूनिकोड के उपयोग को बढ़ावा देता है, इसलिए यूनिकोड बेहतर है।
- पुरानी DTP फ़ाइलें या किसी खास प्रेस की माँग: तभी कृतिदेव उपयोग करें, जब सामने वाला उसकी स्पष्ट माँग करे।
- टाइपिंग परीक्षा: अपनी परीक्षा की अधिसूचना पढ़ें — कुछ में Remington Gail (कृतिदेव) और कुछ में Inscript (यूनिकोड) माँगा जाता है। विस्तार के लिए सरकारी परीक्षा गाइड देखें।
कैसे पहचानें कि टेक्स्ट यूनिकोड है या नहीं?
- टेक्स्ट को कॉपी करके Notepad या किसी साधारण टेक्स्ट बॉक्स में पेस्ट करें। अगर हिंदी ही दिखे, तो यूनिकोड है।
- Word में पूरे टेक्स्ट का फ़ॉन्ट “Arial” कर दें। यूनिकोड हिंदी फिर भी हिंदी दिखेगा (सिस्टम फ़ॉन्ट से), जबकि कृतिदेव English अक्षरों में बदल जाएगा।
- Google में उस टेक्स्ट का एक शब्द सर्च करें — यूनिकोड हिंदी पर सही नतीजे आएँगे।
वेबसाइट और YouTube के लिए SEO टिप
अगर आप हिंदी में ब्लॉग, वेबसाइट या YouTube टाइटल लिखते हैं, तो केवल यूनिकोड का उपयोग करें। Google और YouTube यूनिकोड हिंदी को समझकर उसे हिंदी सर्च में दिखाते हैं। कृतिदेव में लिखा टेक्स्ट या उसकी इमेज सर्च में लगभग अदृश्य रहती है।